Thursday, April 28, 2011

सभी जानते हैं कि अच्छी सेहत में फलों की बेहद अहम् भूमिका होती है। रोज फल खाएं और स्वस्थ रहें, अब यह कोई कहावत नहीं है, आधुनिक मेडीकल सांइस भी यह स्वीकार करता है कि बेहतर स्वास्थ्य के लिये हर व्यक्ति को प्रतिदिन कोई न कोई फल जो कि प्राकृतिक रूप से पका हुआ हो, अपनी डेली डाइट में अवश्य शामिल करना चाहिये।
वैसे तो सारे ही फल अच्छे स्वास्थ्य के लिहाज से काफी फायदेमंद होते हैं, पर इनमें भी कुछ फल तो विशेष रूप से मनुष्य के लिये अमृत और वरदान के समान गुणगाकारी होते हैं। यहां हम ऐसे ही सेहत के लिहाज से अमूल्य फल का जिक्र कर रहे हैं, जिसे- बेल फल के नाम से जाना जाता है। भगवान शंकर को चढऩे वाले बेलपत्र इसी वृक्ष के पत्ते होते हैं। यह बेल वृक्ष के नाम से जाना जाता है और अधिकांशत: शिव मंदिरों या शिवालयों के समीप पाया जाता है।
बेल फल गर्मियों के दिनों में ही पकता है। इसके गुणों लोग बहुत ज्यादा परिचित नहीं हैं, साथ ही इसका स्वाद भी सभी को पसंद नहीं आता है। बाजार में बेलफल का मुरब्बा अवश्य आसानी से मिल सकता है। लेकिन मुरब्बा उतना गुणकारी नहीं होता जितना कि पेड़ पर पका हुआ बेलफल।

पेट के तमाम रोगों में तो यह बेलफल रामबाण औषधि का काम करता है। गैस, कब्जियत, जलन, खट्टी डकारें, बदहजमी, भूख न लगना जैसे रोगों का तो जैसे यह काल ही होता है। पेट की बीमारियों में जहां ज्यादातर दवाइयां थोडे समय का असर दिखाकर निष्क्रिय हो जाती हैं, वहीं यह बेलफल एक अचूक औषधि के रूप में पेट की तमाम बीमारियों को जड़ से मिटा समाप्त करता है।

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